गुमशुदा दिल किसी अपने की तलाश में | Ayush N Naphade
कुछ इस तरह है हाल हमारा अपना शहर छोड़े अपने लोग छोड़े अनजान शहर में अनजान लोगों के बीच चल रहा है करवा हमारा। जिनके लिए कर रहे ये सब वही नासमझ बकने बाकी दुनिया समझ रही है दिल के दर्द को, जैसे कही उन्हे भी ना समझ का तोहफा मिला हो। दुनिया से जीतकर कही अपनो से जंग हार रहे है और अनजाने पराए जीत का रास्ता दिखा रहे है। क्या करू इस जीत का कहा सराहने वाले कोई नही, दीलादो वो हार हमें जहा हारने पर दिलासा देने वाले तो थे। किसे अपना बनाऊं इस पराए सहर में जहा अपनो ने साथ छोड़ दी, डर लगता है नादान दिल को, कही वापस अजाए अपने लोग और हम पराए किसी और के अपने न बनजाए। इसलिए इंतजार में हूं , जिंदगी की मोड पे चल रहे है मंजिल की और न देखे, कही तो उसकी मंजिल फीरसे टकराएगी दुबारा, पुराने रास्ते को छोड़ फिर से नया कारवा लिखेंगे और नई मंजीर की और चल पड़ेंगे । -गुमशुदा दिल किसी अपने की तलाश में😢