हाँ बस इतनी ज़िद है मेरी! | ayushnaphadeblogs | Ayush Naphade
मैं रहूं या ना रहूं तेरे साथ.. बस तू मेरे साथ रहे,हां बस मेरे साथ रहे बस इतनी ज़िद है मेरी।(2) देखे थे ख्वाब उसके साथ वो मुकम्मल हो जाए और जिसका नाम सभी के जुबान पर है, उसके जुबान पर मे मैं रा नाम हो जाए। हाँ बस इतनी ज़िद है मेरी...(2) मत ला फूलों का गुलदस्ता .. मत ला तू मेरे लिए चॉकलेट , बस तू मेरी जिंदगी में फूलों की महक और मिठास भर लाए। हां बस इतनी सी ही जिद है मेरी।(2) धड़कती होंगी लाखों धड़कन तेरे नाम से, बस तेरी धड़कन मेरे नाम से धड़के। हां बस इतनी सी ही जिद है मेरी।(2) देदे पूरा वक्त तू तेरे दोस्तों को, कोई तकरार नहीं मेरी बस जो मेरा है मुझे समय पर दे । इतनी सी ही जिद है मेरी।(2) बस एक छोटी सी जिद है मेरी .. की बस एक छोटी सी जिद है मेरी , कि मेरी सारी जिद पूरी हो जाए। बस सिर्फ इतनी ही जिद है मेरी।(2) कोई गम नहीं अगर ना कर पाओ पूरी जिंद मेरी। तू दिल लगाकर थोड़ी कोशिश तो कर! बस सिर्फ इतनी सी ही जिद है मेरी..(2) special thanks to Mayuri Heda for theme of this Poem...